Bahadur Yadav Mahavidyalaya

बहादुर यादव महाविद्यालय

Affiliated to Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University

Admission Rules

  • महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर प्रवेश प्रथमत्ः दीनदयाल उपाध्याय गो.वि.वि. गोरखपुर द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का काउन्सिलिंग द्वारा होगा।
  • सीटें रिक्त होने पर महाविद्यालय में डायरेक्ट एडमिशन (सीध प्रवेश) होगा।
  • डायरेक्ट प्रवेश हेतु सामान्य एवं पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थी को 100/- एवं अनुसुचित जाति एवं जनजाति के अभ्यर्थी को 50/- विश्वविद्यालय में रजि0 हेतु शुल्क देना होगा
  • प्रवेश हेतु निर्धरित आवेदन पत्र महाविद्यालय कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
  • महाविद्यालय के प्रवेशार्थी को चाहिए कि वह इस विवरणिका को ध्यान पूर्वक पढ़कर सभी नियमो से परिचित हो जाये। प्रवेश के उपरान्त विद्यार्थी को उल्लिखित नियमो का पालन करना होगा।
  • स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु योग्यता प्रदाई परीक्षा अर्थात इण्टर की स्थायी/इंटरनेट मार्कशीट ही मान्य होगी, प्रतिबंधित अथवा अस्थायी मार्कशीट परीक्षा फॉर्म भरते समय मान्य नहीं होगी।
  • आवेदन पत्र के साथ मांगे गये आवश्यक प्रपत्र प्रवेश के पूर्व देना अनिवार्य है।
  • सभी प्रकार के शुल्क महाविद्यालय के फी-काउन्टर पर प्राप्त किये जातें है। किसी अनधिकृत व्यक्ति को महाविद्यालय सम्बन्ध्ति कोई शुल्क न दें। अन्यथा इसके लिए अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा।
  • महाविद्यालय में हर कार्य के लिए एक समिति गठित की गयी है, प्रवेशार्थी/छात्राएं महाविद्यालय से सम्बंधित किसी भी कार्य के लिए संबंधित कमेटी से ही सम्पर्क करें।
  • इस विवरणिका में दिये गये नियमों एवं विधि में किसी प्रकार का परिवर्तन करने का समस्त अधिकार महाविद्यालय के पास सर्वथा सुरक्षित है।
  • महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं से अनुशासित, विनम्र एवं शिष्ट आचरण की अपेक्षा की जाती है।
  • महाविद्यालय परिसर में मोबाईल का प्रयोग वर्जित है। अतः सभी छात्राओं से अपेक्षित है कि परिसर में प्रवेश करते समय अपने मोबाईल का स्विच बंद रखे। इसका पालन न करना अनुशासनहीनता माना जायेगा और ऐसे छात्राओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
  • महाविद्यालय में सुव्यवस्था, शान्ति एवं अनुशासन की स्थापना हेतु अनुशासन समिति (नियंता मंडल) होती है। जिसका प्रमुख नियंता होता है। अच्छी व्यवस्था के लिए मुख्य नियंता एवं उसकी समिति सदैव तत्पर रहती है। अनुशासन समिति की बैठक माह में दो बार अवश्य होती है। जिसके संरक्षक प्राचार्य होते है। अनुशासनहीनता संबंधित प्रत्येक विवाद इसी अनुशासन समिति द्वारा निस्तारित होता है।
  • महाविद्यालय के सभी छात्राओं से उत्तम आचरण, सद्व्यवहार एवं अनुशासन की अपेक्षा की जाती है परिसर, कक्षाओं, परीक्षाओं तथा सार्वजनिक स्थलों पर शिष्ट, मर्यादित एवं अनुशासित रहें। दुव्र्यवहार, उद्ण्डता व अमर्यादित आचरण करने पर निष्कासन तक का दण्ड दिया जा सकता है।
  • अपनी समस्याओं और कठिनाईयों के निवारण हेतु छात्राये प्राचार्य/प्रबंधक से भी व्यक्तिगत सम्पर्क कर सकती हैं।